सिटिजन चार्टर

1. ई.आर.नेट इंडिया के बारे में

 ई.आर.नेट इंडिया सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करने वाली एक स्वायत्त वैज्ञानिक सोसायटी है, जिसका सबसे बड़ा राष्ट्रव्यापी टेरेस्ट्रियल और सेटेलाइट नेटवर्क है। देश के प्रमुख शहरों में प्रमुख शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों में इसके 9 प्वाइंट ऑफ प्रेजेंस हैं। ई.आर.नेट इंडिया का कार्य केवल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना भर नहीं है, बल्कि शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों की तमाम आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उन्हें परामर्शी सेवाएं देना, परियोजना प्रबंधन, प्रशिक्षण और अन्य वैल्यू एडिड सर्विसेज, जैसे वेब-हॉस्टिंग, ई-मेल सर्विसेज, वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग, डोमेन रजिस्ट्रेशन, सीयूजी सर्विसेज प्रदान करना भी इसके कार्य हैं।

2. विजन एवं मिशन स्टेटमेंट

 ई.आर.नेट इंडिया का विजन चुनिंदा क्षेत्र में अग्रणी स्थान पाना है और सर्वाधिक प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक के रूप में अभिनव कार्यों, गति, लोचशीलता और शक्तिप्रदत कर्मियों के माध्यम से अपनी पहचान स्थापित करना है। यह विजन एक मार्गदर्शी सिद्धांत, एक ऐसे स्वप्न जो वास्तविक, उत्तरदायी और प्राप्य है, को सामने रखकर कार्य करता है। ई.आर.नेट इंडिया का मिशन बड़े पैमाने पर शैक्षणिक और अनुसंधान संगठनों को अभिनव, गुणवत्तापरक उत्पादकता, मानवीय विकास और वृद्धि, सदैव उत्कृष्टता प्राप्ति के लिए तत्पर करना, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा तैयार नीतियों और आदेशों के तहत कार्य करने के लिए लाभ पहुंचाना है।

3. बिजनेस ट्रांजेक्शन के विवरण

(I) एकाधिक तरीकों से देखें - तो संचार एक महत्वपूर्ण कड़ी है। और कम्यूनिकेशन के लिए एक कनेक्शन, एक लिंक.... ई.आर.नेट इंडिया, के होने के लिए पूर्वनिर्धारित आवश्यकता है, जो दूरस्थ क्षेत्रों में भी स्थित वृहद यबर बेस को जोड़े जाने के लिए विभिन्न कनेक्टिविटी विकल्पों को सपोर्ट करता है।

  • टेरेस्ट्रियल लिंक : इस प्रकार की कनेक्टिविटी वहां उपयुक्त है, जहां दूरसंचार नेटवर्क पूरी तरह विकसित है और डेडिकेटिड लीज्ड लाइन दूरसंचार विभाग अथवा अन्य बेसिक सर्विस प्रोवाइडर से किराये पर ली जा सकती हैं।ऐसे लिंक मुख्यतः 64 केबीपीएस और 2 एमबीपीएस स्पीड वाले होते हैं।

 

  • रेडियो लिंक : इस प्रकार की कनेक्टिविटी के लिए संबंधित साइट के नेटवर्क नोड से साइट क्लियरेंस की आवश्यकता होती है। रेडियो लिंक्स बहुत विश्वसनीय होते हैं और इसकी संचलन लागत में केवल उपकरण का अनुरक्षण और दूरसंचार विभाग को दी जाने वाली मामूली सा लाइसेंस शुल्क शामिल होता है।

 

  • वीसेट : ई.आर.नेट इंडिया पूरे देश में स्थित शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों को इंटरनेट एक्सेस उपलब्ध कराने के लिए सी-बैंड में इनसैट आधारित वीसेट नेटवर्क ऑपरेट करता है। सेंट्रल अर्थ-कम-नेटवर्क ऑपरेशंस सेंटर बेंगलुरु में स्थित है। हब को ई.आर.नेट टेरेस्ट्रियल बैकबोन से बेंगलुरु स्थित एक डेडिकेटिड लिंक के माध्यम से जोड़ा गया है। वीसेट नेटवर्क दो प्रकार की सेवाएं उपलब्ध कराता है, अर्थात् टीडीएम/एफ- टीडीएमए आधारित शेयर किए गए वैसेट और डेडिकेटिड एससीपीसी / डीएएमए वीसेट। एफटीडीएमए ब्रॉडबैंड वीसेट नेटवर्क का डिजिटल वीडियो ब्रॉडकास्ट (DVB) कंप्लाइंट आउट रूट 66 एमबीपीएस तक पहुंचने की क्षमता रखता है। इन-रूट 2 एमबीपीएस डेटा रेट तक जाने की क्षमता रखता है। नेटवर्क आर्किटेक्चर में पूर्ण लोचशीलता के लिए आईपी विशेषताओं अर्थात् डीएचसीपी, एनएटी, आईजीएमपी, आईपी प्रायोरिटीजेशन और एसीएल में वृद्धि की गई है। यह सभी स्टेंडर्ड आईपी एपलीकेशंस जैसे ब्रॉडबैंड इंटरनेट/इंट्रानेट, वीओआईपी, आईपी मल्टीकास्ट, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आदि को सपोर्ट करता है।

(II) वेब हॉस्टिंग 

 वेब हॉस्टिंग ई.आर.नेट इंडिया द्वारा ध्यान दिए जाने वाले क्षेत्रों में से एक है। इसमें शैक्षणिक और अनुसंधान समुदाय को समुचित विवरण उपलब्ध कराए जाने के उद्देश्य से वेब साइटें हॉस्ट की जाती हैं। 

4. शिकायत निवारण तंत्र के विवरण

 एक वेब साइट विकसित की गई है जिसमें ग्राहक की शिकायतें प्राप्त करने के लिए हैल्प डेस्क और फीडबैक के कॉलम तैयार किए गए हैं। उपयोगकर्ताओं और ग्राहकों की शिकायतें और सुझावों पर विचार एवं अध्ययन किया जाता है और उन पर आवश्यक कार्रवाई की जाती है। उपयोगकर्ताओं को उनके सुझावों पर की गई कार्रवाई और सुधारों आदि के बारे में ई-मेल के माध्यम से भी सूचित किया जाता है। ई.आर.नेट इंडिया द्वारा नागरिकों/ग्राहकों की शिकायतों और सुझावों के बारे में बताने के लिए एक सूचना एवं सुविधा काउंटर स्थापित किया गया है। यह काउंटर सप्ताह के पांच दिन प्रातः बजे से रात्रिक 8 बजे तसक काम करता है और नागरिक/ग्राहक यहां आसानी से पहुच सकते हैं। इस पर एक तकनीकी अधिकारी को तैनात किया जाता है। 

5. नागरिकों/ग्राहकों से आशाएं

 ग्राहकों से आशा की जाती है कि वे कार्य निष्पादन के बारे में, सिर्फ एक बार नहीं, बल्कि निरंतर तौर पर फीडबैक देते रहेंगे। इससे ग्राहकों की आवश्यकताओं के बारे में निम्नलिखित रूप में सहायता मिलती है; 

  • यदि सेवा के संबंध में कोई दिक्कत है, तो तत्काल उसका हल किया जा सकता है जिससे सेवा की गुणवत्ता में सुधार होगा।
  • इससे सेवा प्रदाता को ग्राहक की पसंद और नापसंद जानने में मदद मिलेगी, ताकि वह बेहतर सेवा प्रदान कर सके।
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