कार्यक्रम

एलीटेक्स 2011
दिनांक: 5 अप्रैल, 2011 
स्थान: इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली
आयोजक: सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (DIT)

सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (DIT) विभिन्न संस्थानों में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में अनुसंधान एवं विकास के प्रयासों को समर्थन देता आ रहा है। उपयोगकर्ताओं और उद्योग क्षेत्र के लिए इन प्रौद्योगिकियों और इस प्रयास के माध्यम से विकसित उत्पादों संबंधी  जानकारी के प्रसार के लिए विभाग की ओर से एक वार्षिक वार्ता, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्सपोजिशन (ELITEX) का आयोजन किया जाता है, जो टेक्नोलॉजी संबंधी सम्मेलनों के आयोजन एक बहु प्रतीक्षित आयोजन है। उद्योग क्षेत्र इस पहल का सदैव उत्साहजनक रूप से स्वागत करता आ रहा है और पूर्व आयोजनों में बड़ी संख्या में इन आयोजनों में भाग लेता रहा है।

 
यू.एस.-इंडिया नेटवर्क इनेबल्ड रिसर्च कॉलेबोरेशन वर्कशॉप
आयोजन की तिथि: 5-7 दिसंबर, 2010 
स्थान: दि ललित होटल नई दिल्ली, भारत
आयोजक: ई.आर.नेट इंडिया

इंडियन एजुकेशन एंड रिसर्च नेटवर्क के अलावा इंडियाना यूनिवर्सिटी, इंटरनेट2 और ग्लोरियाड/ताज प्रोजेक्ट के लिए यू.एस.नेशनल साइंस फाउंडेशन से फंडिंग किए जाने के साथ-साथ ई.आर.नेट इंडिया ने 5-7 दिसंबर, 2010 तक नई दिल्ली, भारत में एक "यू.एस.-इंडिया नेटवर्क इनेबल्ड कॉलेबोर्शन वर्कशॉप" आयोजित की।

इस वर्कशॉप से भारत और अमेरिका के नेटर्किंग विशेषज्ञ और डोमेन वैज्ञानिकों ने एक-साथ मिलकर वैज्ञानिकों और अनुसंधानकर्ताओं के लिए एक अवसर उपलब्ध कराया गया ताकि वे भारत और अमेरिका में नेटवर्किंग और साइबर-इऩ्फ्रास्ट्रक्चर की वर्तमान स्थिति और भावी योजना को समझ सकें।

इससे नेटवर्किंग और साइबर-इऩ्फ्रास्ट्रक्चर के विशेषज्ञों को भारत और अमेरिका के बीच विज्ञान और अनुसंधान सहयोग के लिए  नेटवर्किंग और साइबर-इऩ्फ्रास्ट्रक्चर की सपोर्ट की वर्तमान स्थिति और भावी मांग को समझने में सुविधा होगी।

अमेरिका और भारत के अनुसंधानकर्तओं और उनके स्नातक विद्यार्थियों को अनुसंधान संबंध स्थापित और सुदृढ़ करने होंगे जिसके फलस्वरूप दो देशों के बीच वैज्ञानिक सहयोग में बढ़ोतरी होगी।

यूरो-इंडिया फ्यूचर इंटरनेट कॉलेबोरेशन वर्कशॉप

दिनांक: 13-17 दिसंबर, 2010
स्थान: सिंहगढ़ टेक्निकल एजुकेशन सोसाइटी (STES), नरहे कैम्पस ऑफ पुणे (भारत).
आयोजक: ई.आर.नेट इंडिया
 

ई.आर.नेट इंडिया ने आईटीयू के साथ भागीदारी करके माईफायर प्रोजेक्ट में एक कंसोर्टियम सदस्य के रूप में 16 दिसंबर, 2010 को पुणे में एक यूरो-इंडिया इंटरनेट रिसर्च एंड एक्सपेरिमेंट कॉलेबोरेशन वर्कर्शॉप का आयोजन किया।

13 से 17 दिसंबर, 2010 को पुणे में आईटीयू-टी कैलाइडोस्कॉप का आयोजन: इंटरनेट से परे- भावी नेटवर्क और सेवाओं के लिए अभिनव कार्य। इस क्रम में यह तीसरी पियर-रिव्यूड एकेडेमिक कॉन्फ्रेंस है जिसका मुख्य उद्देश्य सूचना एवं संचार प्रद्योगिकी (ICTs) और एकेडेमिया के मानकीकरण पर काम करने वाले विशेषज्ञों के बीच विचार-विमर्श बढ़ाना था।
वर्कर्शॉप का मुख्य उद्देश्य उन संभावित संबंधों की तलाश करना था जो ईयू फायर कम्यूनिटी और इंडियन फ्यूचर इंटरनेट रिसर्च कम्यूनिटी के बीच स्थापित हो सकते हों, जिसके साथ ही फ्यूचर इंटरनेट टैस्ट बैड पर भी ध्यान देना आवश्यक था।

इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए पूरे दिन अनेक प्रेजेंटेशन दी गईं

भारत और यूरोप में फ्यूचर इंटरनेट रिसर्च और एक्सपेरिमेन्टेशन कॉन्टेक्स्ट को समझना: भारतीय और यूरोपीय आईटीसी कॉन्टेक्स्ल, टैस्ट बैड और कॉमन ईशी संबंधी आवश्यकताओं की पहचान करना।
भारत और यूरोप में टैस्ट बैड का वर्तमान उदाहरण।
भारत और यूरोप में आईटीसी के क्षेत्र में कॉलेबोरेशन का वर्तमान उदाहरण।
फ्यूचर इंटरनेट रिसर्च और ब्रिज रिसर्च और मार्केट के लिए टैस्टबैड दक्षता में सुधार हेतु मानकीकरण के पहलू पर ध्यान देना।

इसके अतिरिक्त भारतीय और यूरोपियन अनुसंधानकर्ताओं और सुविधा प्रदाताओं के बीच क्रास-एक्सचेंज इनेबल करने के लिए राउंड टेबल और पैनल डिस्कशन का आयोजन भी किया जाएगा, ताकि इंटरनेशनल फ्यूचर इंटरनेट नेटवर्क बनाए जा सकें और संबंधों के अवसर सृजित किए जा सकें।

"एक ई-इन्फ्रास्ट्रक्चर एप्लीकेशन के रूप में डिस्टेंस लर्निंग : अभिनव कार्य और भविष्य के रुझान" विषय पर एक संयुक्त बिलीफ , 6च्वाइस सिम्पोजियम
दिनांक: 28-29 जनवरी, 2009
स्थान: हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली, भारत

इस समारोह का आयोजन संयुक्त रूप से बिलीफ और  6च्वाइस प्रोजेक्ट्स द्वारा  ग्लोबल और 6डिप्लॉय कंसोर्टिया की सहायता से किया गया। 
इन दो दिनों में विभिन्न पृष्ठभूमियों और अलग-अलग क्षेत्रों से आए प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और उन्होंने डिस्टेंस लर्निंग के लिए ई-इन्फ्रास्ट्रक्चर को अपनाने के विचार पर जानकारी की अदला-बदली की। बाद में ने केवल भारतीय समाज के लिए, बल्कि  कुल मिलाकर भविष्य की लर्निंग सोसाइटी के लिए भी एक प्रायोरिटी ईशू बनाया गया।
 
राज्य शिक्षा  सचिव, भारतीय दरे पर आए ईसी डेलिगेलशन और संचार मंत्रालय के प्रतिनिधियों सिम्पोजियम की शुरुआत की तथा इसमें भाग लिया। ई-इन्फ्रास्ट्रक्चर को अपनाने के फलस्वरूप डिस्टेंस लर्निंग में हुए नवीन विकास और भविष्य के रुझानों के संबंध में वार्ता करने के लिए विभिन्न अनुसंधानकर्ता, डेवलपर्स, यूजर्स, पॉलिसी मेकर्स एकसाथ एकत्र हुए।  ई-लर्निंग का महत्व और किस तरह से ई-इन्फ्रास्ट्रक्चर इसे बदलने में सहायता कर सकता है, यह बताते हुए टॉप-डाउन पॉलिसी के मुद्दों के साथ-साथ अप यूजर और टेक्नोलॉजी थीम्स के बारे में संबोधन किए गए। पूर्ण सत्रों में टॉप डाउन थीम्स जैसे फाइनेंसिंग और सस्टेनेबिलिटी को भी उठाया गया जबकि मिडिलवेयर, डेटा और कनेक्टिविटी से संबंधित अधिक महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी समानांतर रूप से चर्चा की गई।इस आयोजन के विभिन्न हिस्सों को एकसाथ इंटरनेट के माध्यम से प्रसारित किया गया।

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